Bjp And Congress Engaged In Making Strategy For Elections To Be Held On Four Rajya Sabha Seats In Rajasthan – Rajya Sabha Chunav: राजस्थान में चौथी सीट के लिए घमासान तय, भाजपा एक सीट पर मजबूत लेकिन प्रत्याशी उतारेगी दो

सार

भाजपा ने साफ कर दिया है कि राजस्थान की चार सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए वह दो प्रत्याशी उतारेगी। कांग्रेस की दो और भाजपा की एक सीट तय है। ऐसे में चौथी सीट को लेकर घमासान होना तय है। 

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राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन चुनावों में कांग्रेस की दो सीटों पर और भाजपा की एक सीट पर स्थिति मजबूत है। भाजपा के इस बयान के बाद कि वह दो प्रत्याशी उतारेगी, चौथी सीट को लेकर दोनों ही पार्टियों में घमासान तय हो गया है। उधर, कांग्रेस ने भी विधायकों की वर्कशॉप के नाम पर एक जून से बाड़ेबंदी की तैयारी कर ली है। 

राज्यसभा की चार सीटों के लिए 10 जून को मतदान होना है। नामांकन की आखिरी तारीख 31 मई है। अब तक न तो भाजपा और न ही कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने संकेत दिए हैं कि विधायकों के मौजूदा कार्यकाल में यह अंतिम राज्यसभा चुनाव होगा। इस वजह से कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। उन पर नजरें रखी जा रही हैं। 

भाजपा के पास 30 सरप्लस वोट

कटारिया का कहना है कि राज्यसभा चुनाव में प्रथम वरीयता के 41 वोट देने के बाद भी बीजेपी के पास 30 वोट सरप्लस है। 11 और वोट और हासिल होने पर बीजेपी दूसरे प्रत्याशी को जिता सकती है। पार्टी इसी प्रयास में जुटी है और रणनीति भी तैयार की जा रही है। कटारिया के अनुसार राज्यसभा चुनाव में विधायकों को अपना वोट दिखाकर डालना होता है। इस वजह से क्रॉस वोटिंग की गुंजाइश कम ही रहती है। इसके बाद भी निर्दलीय विधायकों पर कोई पाबंदी नहीं होती है। ऐसे कई लोग हैं, जिन पर संबंधों के आधार पर विश्वास किया जा सकता है। हम इन्हीं प्रयासों में लगे हैं कि हमारा दूसरा प्रत्याशी भी जीत जाए। 

यह है राजस्थान में राज्यसभा जीत का गणित

राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा में राज्यसभा सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत है। कांग्रेस के पास 108 और भाजपा के पास 71 वोट है। राज्यसभा की चौथी सीट जीतने के लिए कांग्रेस को 15 और भाजपा को 13 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। विधानसभा में 13 निर्दलीय, दो बीटीपी, 3 आरएलपी, 2 माकपा और 1 आरएलडी के विधायक हैं। छोटी पार्टियां और निर्दलीय ही तय करेंगे कि चौथी सीट किसके खाते में जाएंगी। सूत्रों के अनुसार 13 में से 11 निर्दलीय और आरएलडी का एक विधायक कांग्रेस को समर्थन दे सकते हैं। इस तरह चौथी सीट पर कांग्रेस अपना दावा मजबूत कर लेगी।  

कटारिया का दावा- हम दो सीट निकाल लेंगे 

कटारिया का कहना है कि प्रत्याशी कब तय होता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। नामों पर प्रदेश स्तर पर भी चर्चा हो रही है और दिल्ली में भी। नाम फाइनल होते ही प्रत्याशी मैदान में उतार दिए जाएंगे। भाजपा दो प्रत्याशियों को चुनाव में उतारने जा रही है। इस वजह से एनालिसिस जरूरी है। पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा को 1 वोट का नुकसान हुआ था। इस वजह से कांग्रेस और भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने तो एक जून से विधायकों की वर्कशॉप रखी है, जिसे बाड़ेबंदी के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस ने भी चार में से तीन सीटें जीतने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत निर्दलीय और छोटी पार्टियों के विधायकों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। विधायकों की नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

विस्तार

राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन चुनावों में कांग्रेस की दो सीटों पर और भाजपा की एक सीट पर स्थिति मजबूत है। भाजपा के इस बयान के बाद कि वह दो प्रत्याशी उतारेगी, चौथी सीट को लेकर दोनों ही पार्टियों में घमासान तय हो गया है। उधर, कांग्रेस ने भी विधायकों की वर्कशॉप के नाम पर एक जून से बाड़ेबंदी की तैयारी कर ली है। 

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