देश में बनेंगे 9000 एचपी के शक्तिशाली रेल इंजन, जानें खासियत

नई दिल्‍ली. देश में पहली बार 9000 हार्स पावर के शक्तिशाली इंजन का निर्माण होगा. इसके लिए गुजरात में कारखाना लगने जा रहा है, जिसका शिलान्‍यास प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी करेंगे. यह भारतीय रेलवे का सातवां कारखाना होगा. शक्तिशाली इंजन बनने के बाद मालगाड़ी की औसतन स्‍पीड बढ़ जाएगी. वहीं कारखाना बनने के बाद आसपास के इलाके में काफी संख्‍या में रोजगार भी पैदा होंगे.

भारतीय रेलवे गुजरात के दाहोद में इंजन कारखाना लगाने जा रहा है. 20 अप्रैल को प्रधानमंत्री इसका शिलान्‍यास करेंगे. रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्‍ट में 20000 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इसमें 9000 एचपी के इंजनों का निर्माण किया जाएगा. अभी तक देश में 4500 और 6000 एचपी की क्षमता के इंजनों का निर्माण किया जा रहा है. ये शक्तिशाली इंजन 4500 टन क्षमता की मालगाड़ी को 120 किमी. प्रति घंटे की स्‍पीड से दौड़ा सकता है. अभी मालगाड़ी की अधिकतम स्‍पीड 100 किमी प्रति घंटे की है. इस कारखाने में 1200 इंजनों का निर्माण किया जाएगा.

ये भी पढ़ें- रेलवे आमदनी बढ़ाने के लिए गरीबरथ के कोचों को बदलेगा, जानें कौन से कोच लगेंगे

ये होगा फायदा

गुजरात में कारखाना लगने से काफी संख्‍या में आसपास रोजगार के अवसर पैदा होंगे. वहीं, दूसरी ओर शक्तिशाली इंजन बनने से मालगाड़ी की स्‍पीड बढ़ेगी. इससे माल एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान कम समय में पहुंचाया जा सकेगा, जिससे व्‍यापारियों और कारोबारियों को लाभ होगा. मालगाड़ी भी जल्‍दी जल्‍दी फेरे लगा सकेंगी. इस तरह यह कारखाना देश की आर्थिक प्रगति में सहयोग करेगा.

इंजन को अपग्रेट कर बढ़ाई गयी थी क्षमता

भारतीय रेलवे ने चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, कोलकाता में 9000 एचपी का हाईपावर इलेक्ट्रिक इंजन तैयार किया था. यह इंजन मोडीफाई कर बनाया गया था. जिसकी स्‍पीड और क्षमता सामान्‍य इंजनों से अधिक है. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 9000 एचपी के इंजनों के लिए कारखाना बनाया जा रहा है.

मौजूदा रेल कारखाना

चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना, चित्तरंजन

डीजल रेलइंजन कारखाना वाराणसी

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई

रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला

मॉर्डन कोच फैक्ट्री रायबरेली

डीजल इंजन आधुनिकीकरण कारखाना पटियाला

Tags: Indian railway, Indian Railway news, Indian Railways, Train Engine

Leave a Reply

Your email address will not be published.